लोग कहते है ज़िंदगी मिली है अपने हिसाब से जीने के लिए, लेकिन वही लोग सुबह होते ही किसी और के हिसाब से जीने चले जाते है I” 

इंसान को बोलना सिखने में दो साल लग जाते हैं  लेकिन क्या बोलना है ये सिखने में पूरी ज़िन्दगी निकल जाती !!

मैदान से हारा हुआ इंसान तो फिर से जीत सकता है, लेकिन मन से हारा हुआ इंसान कभी नहीं जीत सकता इसलिए मन से कभी हार मत मानना 

मैदान से हारा हुआ इंसान तो फिर से जीत सकता है, लेकिन मन से हारा हुआ इंसान कभी नहीं जीत सकता इसलिए मन से कभी हार मत मानना 

“अच्छी ज़िन्दगी जीने के बस दो ही तरीके हैं ! एक जो पसंद है उसे हासिल कर लो या जो हासिल है उसे पसंद करना सीखलो !!”